ओट्स यानि जई
1. हृदय रोग
ओट्स फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। इसमें पाए जाने वाला बीटा ग्लूकॉन नामक यह फाइबर शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत लाभदायक होता है। बीटा ग्लूकॉन अच्छे कोलेस्ट्रोल को बिना छेड़े बुरे कोलेस्ट्रोल कम करता है जो दिल को स्वस्थ रखने के लिए बहुत अच्छा है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाया जाता है जो दिल की बीमारियों को दूर करने में सहायक है। इसलिए ओट्स को दिल के लिए मुख्य आहार भी कह सकते हैं।
2. मधुमेह
फाइबर युक्त भोजन को पचने में समय लगता है जिससे ब्लड शुगर और टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जता है। अब जैसा कि हम बार-बार यही समझ रहे हैं कि ओट्स की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि यह फाइबर से भरपूर होता है। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगो को नियमित रूप से ओट्स का सेवन करना चाहिए। एक अध्ययन के अनुसार ओट्स का सेवन इन रोगियों में ग्लूकोज और लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित रखता है। इसमें पाये जाने वाले बीटा ग्लूकॉन भी ब्लड शुगर लेवल को कम रखने में सहायक है।
3. कैंसर
ओट्स में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट का गुण पाया जाता है। इसके यही एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लड़ने में मदद करते हैं। शोध और अध्ययन से साबित हुआ है कि ओट्स का सेवन कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु को बहुत हद तक कम कर सकता है। ओट्स में उपस्थित विशेष फाइबर रेक्टल और कोलन कैंसर को रोकने में सहायक हैं। यहाँ तक कि इसका नियमित सेवन आंत्र कैंसर के खतरे को भी कम करने की क्षमता रखता है।
4. वजन घटाना
लोग वजन घटाने के लिए घंटों वर्क-आउट तो करते ही हैं। साथ ही ओट्स भी खाना शुरू कर दें जो काफी हद तक वजन घटाने में सहायक है। शरीर का बढ़ता वजन कई प्रकार की बीमारियों को आमंत्रण देता है जैसे दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज आदि। इसलिए मोटापे से निजात पाने के लिए अपनी डाइट में नियमित तौर पर ओट्स का प्रयोग करने से निश्चित ही वजन कम होता है।
5. कब्ज़ दूर करने में
ओट्स और ओटमील, फाइबर से भरे होते हैं जिसके कारण कब्ज़ की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। ओट्स अघुलनशील फाइबर का एक अच्छा स्रोत है जो शरीर में उपस्थिति अतिरिक्त पानी को अवशोषित करने में मदद करता है जिससे मल को आंतों में चलने में मदद मिलती है। यह सूजन, गैस और दस्त को भी रोकता है।
6. रक्तचाप नियंत्रित करने में
वर्तमान में लोगों की जीवनशैली कई तरह की बीमारियों को आमंत्रित कर रही है। बहुत से लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या है। ऐसे में ओटमील खाना एक अच्छा कदम होगा। ओटमील उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करता है। इसके लगातार सेवन से ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर नियंत्रित भी हो सकता है। कुछ शोध के अनुसार ओट्स का रोज़ सेवन करने से systolic blood pressure करीब 7.5 points और diastolic blood pressure भी लगभग 5.5 point तक कम हो सकता है।
यही कारण है कि यह दिल की अनेक बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित होता है और Heart health risk भी काफ़ी हद तक कम करता है। इसे नाश्ते में प्रतिदिन खाएंगे तो ब्लड प्रेशर भी नियंत्रण में रहता है।
7. रोग प्रतिरोधकता क्षमता
ओट्स में इतने पोषक तत्व विध्यमान हैं कि इसको इम्युनिटी बूस्टर आहार यानि रोग प्रतिरोधक खाद्द्य पदार्थों की लिस्ट में भी शामिल किया गया है। ओट्स में पाए जाने वाला बीटा-ग्लुकन शरीर की प्रतिरक्षा स्तर को इस तरह बढ़ाता है कि सफेद रक्त कोशिकाओं की गतिविधि बढ़ जाती है और रोगों के खिलाफ सुरक्षा मजबूत होने लगती है। ओट्स सेलेनियम (salenium) और जिंक से समृद्ध होता हैं जो संक्रमण से लड़ने में अहम भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त घावों को तेजी से भरने, एंटीबायोटिक दवाओं के असर को बढ़ाने आदि में भी बीटा ग्लूकॉन की उपस्थिति अहम होती है।
8. स्वस्थ सुन्दर त्वचा
ओट्स का सेवन त्वचा की सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसका उपयोग चेहरे के मुहाँसे, झाइयां, झुर्रियां, रूखी त्वचा इत्यादि पर बहुत असरदार होती है। चेहरे के मुहाँसे दूर करने के लिए आप आधा कप ओट्स को एक कप पानी में डालकर उबाल लीजिये, फिर ठंडे होने पर उस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर 20 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लीजिये। यह आपकी त्वचा पर अतिरिक्त तेल को सुखाकर मुँहासे दूर करता हैं।
ओट्स का उपयोग त्वचा में निखार लाता है, रंग साफ और चमकदार बनाता है। यह मुहांसों को दूर करने में सहायक है व तैलीय त्वचा का बेहतर उपाय है। इसमें एंटीऑक्सिडेंट और anti-inflammatory गुण पाये जाते है जो खुजली और सुखी त्वचा के उपचार में उपयोगी होते है।
9. रूसी से छुटकारा
बालों में रूसी होना एक आम समस्या है। यह भी एक प्रकार का त्वचा रोग ही होता है जो फंगल इंफेक्शन के कारण होता है। इसके लिए एक कप ओट्स को बारीक़ पीस लें, इसे 2 कप पानी के साथ उबालकर पेस्ट बना लें, ठंडा होने पर इसमें 1 चम्मच नींबू रस, 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें और खाली शैम्पू की बोतल में स्टोर करके रख लें।
इस मिक्सचर को नहाते समय 2-5 मिनट के लिए लगा कर रखे और फिर धो लें। रूसी ग़ायब और स्कैल्प साफ हो जाएगा। ओट्स का उपयोग बालों को चमकदार और सिल्की बनाने का काम कर सकता है।
10. बनाने में आसान
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोगों के पास सही तरीके से नाश्ता बनाने और खाने का समय नहीं होता है। ओट्स एक आसानी से बनने वाला आहार है जिसे आप तुरंत ही पका सकते हैं।
11. तनाव/डिप्रेशन कम करने में
अगर आप तनाव के शिकार हैं तो ओट्स का सेवन इस खतरे को कम करने में आपकी मदद करता है। डिप्रेशन की समस्या से घिरे लोगों के साथ ही सामान्य लोगों को भी अपने आहार में ओट्स को शामिल करना चाहिए।
ओट्स में फाइबर और मैग्नीशियम पाया जाता है जो दिमाग में सेरोटोनिन (serotonin) की मात्रा बढ़ाते हैं जिससे मस्तिष्क शांत रहता है, मनोदशा अच्छी रहती है। यह तनाव, चिंता दूर करने में सहायक है। एमिनो एसिड और अन्य पोषक तत्व melatonin नामक केमिकल के निर्माण में मदद करता है जिससे नींद अच्छी आती है
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