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अलसी को जानें

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■अलसी को पहचानो■ ● भारत देश के कुछ प्रांतों में अलसी का तेल खाद्य तेलों के रूप में आज भी प्रचलन में है। ● धीरे-धीरे अलसी को हम भूलते जा रहे हैं, परंतु अलसी पर हुए नए शोध-अध्ययनों ने बड़े चमत्कारी प्रभाव एवं चैंकाने वाले तथ्य दुनिया के सामने लाए हैं। ● आज सारे संसार में इसके गुणगान हो रहे हैं। ● विशिष्ट चिकित्सकों की सलाह में भी अलसी के चमत्कारों की महिमा गाई जा रही है। ■■ गुणधर्म ■■ ● अलसी एक प्रकार का तिलहन है। ● इसका बीज सुनहरे रंग का तथा अत्यंत चिकना होता है। ● फर्नीचर के वार्निश में इसके तेल का आज भी प्रयोग होता है। ● आयुर्वेदिक मत के अनुसार अलसी वातनाशक, पित्तनाशक तथा कफ निस्सारक भी होती है। ● मूत्रल प्रभाव एवं व्रणरोपण, रक्तशोधक, दुग्धवर्द्धक, ऋतुस्राव नियामक, चर्मविकारनाशक, सूजन एवं दरद निवारक, जलन मिटाने वाला होता है। ● यकृत, आमाशय एवं आँतों की सूजन दूर करता है। ● बवासीर एवं पेट विकार दूर करता है। ● सुजाकनाशक तथा गुरदे की पथरी दूर करता है। ● अलसी में विटामिन बी एवं कैल्शियम, मैग्नीशियम, काॅपर, लोहा, जिंक, पोटेशियम आदि खनिज लवण होते हैं। ...