ऑर्गेज्म -सैक्स के दौरान एक औरत के मजे का लेबल
चरमानंद (Orgesm) फ्री तन - मन से की गई रतिकला ( Sex ) सुखद परिणाम देती है । ये सही मायने स्त्रीत्व तथा पुरुषत्व के मायने ठीक से बता देती है । सेक्स करते समय महिला की कामोत्तेजना अपने चरम पर पहुंच जाती है तो उस स्थिति ऑर्गेज्म कहते हैं । क्लाइमैक्स महिला के लिए सबसे बड़ी तृप्ति की चरमावस्था है जिसमें महिला को सुखद अहसास होता है सेक्स के दौरान महिला को पूरी तरह संतुष्ट कर पाना पुरूषों के लिए थोड़ा मुश्किल और अधिक मेहनत वाला होता है । हर महिला अपने आप में अलग होती है और हर सेक्शुअल एनकांउटर यूनिक होता है हर स्त्री के ऑर्गेज्म का अनुभव अलग होता है । हर महिला की चरमतृप्ति एक सामान नहीं होती है । सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान महिला को चरमोत्कर्ष( ऑर्गेज्म)तक ले जाना पुरूषों के लिए बेहद जरूरी होती है । इससे अनेक रिश्तों के बीच सुखद तालमेल बना रहता है वर्ना सहवास के कटु अनुभव रिश्तों को खात्मे की ओर भी ले जा सकते हैं । इसी दौरान महिला पुरुषों की सही ताकत , पौरूष और व्यक्तित्व का मूल्यांकन करती है । ऑर्गेज्म पहुंचने के लिए महिला को संपूर्ण रूप से कामोत्तेजित होना अनिवार्य होता है । ले...