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गिलोय

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गिलोय   अमृता  (Tinospora_cordifolia) गिलोय ही एक ऐसी बेल है, जिसे आप सौ मर्ज की एक दवा कह सकते हैं। इसलिए इसे संस्कृत में अमृता नाम दिया गया है। गिलोय (अंग्रेजी:टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया) (अन्य नाम - गुच्छ) की एक बहुवर्षिय लता होती है। इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं। आयुर्वेद में इसको कई नामों से जाना जाता है यथा अमृता,गुडुची, छिन्नरुहा, चक्रांगी, आदि। 'बहुवर्षायु तथा अमृत के समान गुणकारी होने से इसका नाम अमृता है।'  इसके पत्ते पान के पत्ते जैसे दिखाई देते हैं और जिस पौधे पर यह चढ़ जाती है, उसे मरने नहीं देती। इसके बहुत सारे लाभ आयुर्वेद में बताए गए हैं, जो न केवल आपको सेहतमंद रखते हैं, बल्कि आपकी सुंदरता को भी निखारते हैं।  आइए जानते हैं गिलोय के फायदे गिलोय बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी सिस्टम) गिलोय एक ऐसी बेल है, जो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा कर उसे बीमारियों से दूर रखती है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर में से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करते हैं। यह खून को साफ करती है, बैक्टीरिय...

मूली - बवासीर का इलाज चुटकियों में

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मूली मूली बहुत गुणकारी और उपयोगी होती है । यहां मूली के गुण एवं उपयोग के विषय में विवरण किया जा रहा है । प्रायः मूली को साधारण वस्तु समझा जाता इसलिए इसका उपयोग यदाकदा सलाद के रूप में कर लिया जाता है । मूली का उपयोग खाद्य व्यंजन में तो किया जाता है साथ ही इसका प्रयोग इलाज औषधि के रूप में भी किया जा सकता है इसका अचार बहुत स्वादिष्ट और गुणकारी होता है । गुण- मूली चरपरी गरम , रुचिकारक , हलकी पाचक , त्रिदोषनाशक स्वर को उत्तम करने वाली तथा ज्वर , श्वास कष्ट , नासिका , कण्ठ रोग तथा नेत्र रोग नाशक है । यह छोटी मूली के गुण बड़ी मूली के गुण भी ऐसे ही होते सिर्फ एक फर्क होता है कि बड़ी मूली पचने में हलकी नहीं , भारी होती है । मूली उष्णवीर्य और तिक्तरस वाली होती है , तीखी , सारक , कृमिनाशक(पेट के कीड़ों को खत्म) और अग्निवर्द्धक होती है । खाने को हजम कर देती और खुद देर हजम होती है । मूत्र विकार और उदर विकार करती है । परिचय - पह छोटी  व बड़ी , दो प्रकार की होती है और सारे भारत में पाई जाती है अतः इसका परिचय देना जरूरी नहीं । उपयोग - मूली का ज्यादातर उपयोग सलाद के साथ कच्चे रूप में कि...

आलू बुखारा

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आलूबुखारा : रसीले फल के Health Benefits आपको चकित कर देंगे   1 आलूबुखारे के 100 ग्राम में लगभग 46 कैलोरी होती है। अत: इसमें अन्य फलों की तुलना में कैलोरी काफी कम पाई जाती है। इस कारण से यह आपका वजन नियंत्रित करने में भी बेहद सहायक होता है। 2 आलूबुखारे में सैच्युरेटेड फैट या संतृप्त वसा बिल्कुल भी नहीं होता, जिससे इसे खाने के बाद आपको पोषक तत्व भी मिलते हैं और वजन भी नहीं बढ़ता। 3 आलूबुखारा डायट्री फाइबर से भरपूर होता है, जिसमें सार्बिटॉल और आईसेटिन प्रमुख हैं। खासतौर पर यह फाइबर्स, शरीर के अंगों के क्रियान्वयन को सरल बनाते हैं, और पाचन क्रिया को भी दुरूस्त करते हैं। 4 आलूबुखारे का प्रतिदिन सेवन आपको कब्ज‍ियत से राहत दिलाने में मदद करता है साथ ही पेट साफ करने में भी मदद करता है। 5 आलूबुखारे में उपस्थित विटामिन-सी आपकी आंखों और त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक है, और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इसके इलावा इसमें विटामिन-के एवं बी 6 भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। 6 यह रक्त का थक्का बनने से रोकता है, जिससे ब्लडप्रेशर और हृदय रोगों की संभावना कम होती है। इसके साथ ही ...

पानी की कमी से होने वाली परेशानियां

शरीर में पानी की कमी पर दिखते हैं ये 5 लक्षण, हो जाएं सतर्क शरीर में पानी की कमी होने पर कई सारी समस्या होने लगती है। बारिश हो या सर्दी, शरीर में पानी की कमी होने पर आपको अजीब सी छोटी-छोटी बीमारी होगी। जैसे - पेट गड़बड़ होना, पेट में से आवाज आना, लूज मोशन जैसा महसूस होना, खट्टी डकार आना। लेकिन इस तरह के लक्षण दिखने पर उन्हें हल्के में नहीं लें। तो आइए जानते हैं कौन से 5 लक्षण है जो आपको बुरी तरह से प्रभावित करते हैं... - अधिक भूख लगना। - पीली यूरिन आना। - सांसों में से बदबू आना। - थकावट महसूस होना। - सिरदर्द की शिकायत होना। वहीं अब जानते हैं शरीर में पानी की कमी होने से शारीरिक समस्या कौन सी हो सकती है - - सिरदर्द होना। - कब्ज की शिकायत। - ड्राई स्किन। - बीपी कम होना। - किडनी की बीमारी का खतरा। यह लक्षण सामान्‍य या मामूली दिख सकते हैं लेकिन नजरअंदाज करने पर आपको भारी पड़ जाएंगे। इसलिए पानी अवश्य पीयें

सैक्स करने के बाद क्या करें!!!

संभोग के बाद क्या करे?  मर्दो....अगर आप चाहते हैं कि स्त्री न केवल शारीरिक रूप से शांत सेक्स से, बल्कि नैतिक रूप से, मानसिक रूप से भी अच्छा महसूस करे, तो संभोग पश्चात उसके साथ थोड़ी देर के लिए गले मिलें।  trust me, संभोग करके पैंट पहनकर वहां से खाने के लिए जाने या सोने के लिए मुँह फेरना से बुरा कुछ नहीं है।   उसके साथ लेट जाओ, सुखद चीजों के बारे में बात करो, इससे उसकी फिर से आपके साथ "करने" की इच्छा बढ़ेगी जीवन एक है, पत्नी एक है, उसके साथ खूब आनंदित होइए  सेक्स का विज्ञान

लिकोरिया

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ल्यूकोरिया (श्वेत प्रदर) के लक्षण  कारण,  घरेलू उपचार  और परहेज  ल्यूकोरिया (Leucorrhea)  लिकोरिया (Likoria) नाम से भी पुकारा इस बीमारी में योनि से चिपचिपा, दुर्गन्धयुक्त, गाढ़ा पानी बहता है। जब यह बीमारी किसी महिला को होती है, तो महिला लज्जावश शुरुआत में ल्यूकोरिया के बारे में किसी को नहीं बताती है। नतीजन यह होता है कि बीमारी और बड़ी हो जाती है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। हमारा सामाजिक ताना बाना इसे ज़्यादा जटिल बना देता है।  ल्यूकोरिया के इलाज के कई सारे घरेलू उपाय हैं, जिनका उपयोग कर आप ल्यूकोरिया का इलाज कर सकती हैं।आयुर्वेद में ल्यूकोरिया को श्वेत प्रदर कहा जाता है। इसे एक स्वतंत्र रोग ना कहकर योनि के विभिन्न रोगों का लक्षण कहा गया है। जो महिलाएं अस्वस्थ आहार, अधिक नमकीन, तीखा,खट्टे, चटपटे, चिकने तथा मांस-मदिरा का अधिक सेवन करती हैं, उनको ल्यूकोरिया होने की संभावना बढ़ जाती है।  ल्यूकोरिया (श्वेत प्रदर) क्या है?  ल्यूकोरिया को सामान्य भाषा में सफेद पानी या श्वेत प्रदर भी कहा जाता है। यह स्त्रियों में होने वाली एक आम बीमारी है। इसमे...

कैसे सम्भव हुआ

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सभी लोग सड़क दुर्घटनाओं को देखते हैं लेकिन यह अजीब दुर्घटना इसमें एक हेलीकॉप्टर बस से आकर टकरा गया देख कर आज बड़ा अचंभा हुआ कैसे संभव है आप भी बताएं अभी बताएं कैसे संभव है।

कलौंजी

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कलौंजी मौत को छोड़ कर, कलौंजी हर मर्ज की दवाई है।  कलौंजी, अनगिनत रोगों को चुटकियों में ठीक करता है। कैसे करें इसका सेवन कलौंजी के बीजों को पीसकर या चबाकर सीधा सेवन किया जा सकता है।  एक छोटा चम्मच कलौंजी को चूर्ण बनाकर शहद में मिश्रित करके इसका सेवन करें।  पानी में कलौंजी चूर्ण उबालकर छान लें और इसे पीएं।  दूध में कलौंजी के चूर्ण को उबालें। ठंडा होने दें फिर इस मिश्रण को पीएं।  कलौंजी को ग्राइंड करें तथा पानी तथा दूध के साथइसका सेवन करें।  कलौंजी को ब्रैड, पनीर तथा पेस्ट्रियों पर छिड़क कर इसका सेवन करें। कलौंजी किन किन रोगों में गुणकारी है : टाइप-2 डायबिटीज प्रतिदिन 2 ग्राम कलौंजी के सेवन के परिणामस्वरूप तेज हो रहा ग्लूकोज कम होता है। इंसुलिन रैजिस्टैंस घटती है, बीटा सैल की कार्यप्रणाली में वृद्धि होती है तथा ग्लाइकोसिलेटिड हीमोग्लोबिन में कमी आती है। मिर्गी 2007 में हुए एक अध्ययन के अनुसार मिर्गी से पीड़ित बच्चों में कलौंजी के सत्व का सेवन दौरे को कम करता है। उच्च रक्तचाप 100 या 200 मिलीग्राम कलौंजी के सत्व के दिन में दो बार सेवन से हाइपरटैंशन क...

हमारा शरीर

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वैज्ञानिकों ने बताया कितना दिलचस्प है, हमारा शरीर  🕴🏻 1. जबरदस्त फेफड़े हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे. 2. ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है. हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं. 3. लाखों किलोमीटर की यात्रा इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है. हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है. 4. धड़कन एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है. 5. सारे कैमरे और दूरबीनें फेल 👁️ के सामने इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती है. फिलहाल...

सावधानी बरतें

नमक कम खाएं...........................ब्लड प्रेशर बढ़ने से पहले।। शकर कम खाएं .................................शुगर बढ़ने से पहले ।। सब्ज चाय पिएं........................दिल कमजोर पड़ने से पहले।। रोजाना वर्जिश करें.............................बुढ़ापा आने से पहले ।। चिकनाई कम खाएं.......................कोलेस्ट्रोल बढ़ने से पहले।। गाजर और चुकन्दर खाएं...........हड्डियाँ कमजोर होने से पहले।। पानी जितना चाहे पिएं..........................खाना खाने से पहले ।। खाने में एहतियात रखें..............डॉक्टर के पास जाने से पहले।।

ऑर्गेज्म -सैक्स के दौरान एक औरत के मजे का लेबल

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चरमानंद (Orgesm) फ्री तन - मन से की गई रतिकला ( Sex ) सुखद परिणाम देती है । ये सही मायने स्त्रीत्व तथा पुरुषत्व के मायने ठीक से बता देती है । सेक्स करते समय महिला की कामोत्तेजना अपने चरम पर पहुंच जाती है तो उस स्थिति ऑर्गेज्म कहते हैं । क्लाइमैक्स महिला के लिए सबसे बड़ी तृप्ति की चरमावस्था है जिसमें महिला को सुखद अहसास होता है सेक्स के दौरान महिला को पूरी तरह संतुष्ट कर पाना पुरूषों के लिए थोड़ा मुश्किल और अधिक मेहनत वाला होता है । हर महिला अपने आप में अलग होती है और हर सेक्शुअल एनकांउटर यूनिक होता है हर स्त्री के ऑर्गेज्म का अनुभव अलग होता है । हर महिला की चरमतृप्ति एक सामान नहीं होती है । सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान महिला को चरमोत्कर्ष( ऑर्गेज्म)तक ले जाना पुरूषों के लिए बेहद जरूरी होती है । इससे अनेक रिश्तों के बीच सुखद तालमेल बना रहता है वर्ना सहवास के कटु अनुभव रिश्तों को खात्मे की ओर भी ले जा सकते हैं । इसी दौरान महिला पुरुषों की सही ताकत , पौरूष और व्यक्तित्व का मूल्यांकन करती है । ऑर्गेज्म पहुंचने के लिए महिला को संपूर्ण रूप से कामोत्तेजित होना अनिवार्य होता है । ले...

सिंघाड़ा -बेजोड़ फल

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सिंघाड़ा यूं तो सिंघाड़ा एक साधारण और सस्ता सा फल जो बहुत कम सेवन किया जाता है। लेकिन गुण लाभ की दृष्टि से यह सस्ता होते हुए बहुत गुणकारी फल है । इस उपेक्षित फल विषय में परिचय प्रस्तुत करके हम आपको एक फल से परिचित करा रहे हैं जो सस्ता होते हुए आपको पौष्टिकता प्रदान करने में सक्षम है ।यह शीतल , स्वादिष्ट , भारी , पोषक व वीर्यवर्द्धक , कसैला , ग्राही , वीर्य वात तथा कफ बढ़ाने वाला तथा पित्त , रक्तविकार और जलन को करने वाला है।  सिंघाडा रक्तपित्तनाशक , कामोद्दीपक , त्रिदोषनाशक , ताप निवारक , लिंग को दृढ़ करने वाला और रुचिकारक होता है ।  आयुर्वेद के अनुसार सिंघाड़ा अत्यन्त कमोद्दीपक , मलरोधक , वीर्यवर्द्धक , लिंग को कठोर करने वाला , वात और कफ बढ़ाने वाला कसैला , मधुर , शीतल , स्वादिष्ट , तृप्तिदायक पित्त तथा दाहनाशक और त्रिदोष , प्रमेह , रक्तविकार , भ्रमसूजन तथा सन्ताप को नष्ट करने वाला है । सिंघाड़ा तालाबों में पैदा होता है और इसके पत्ते पानी की सतह पर तैरते रहते हैं ।  इसका शरीर तिकोने आकार का होता है और कोने कांटेदार होते हैं । कच्ची हालत में हरा और पकने पर काला...

खजूर, सेहत के लिए वरदान है, ताक़त का पावर हाउस

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खजूर  खजूर एक सस्ता,अतिमधुर और अत्यन्त पौष्टिक गुणों से युक्त मेवा है।   गुण - खजूर शीतल , मीठा, रस एवं पाक में मधुर रुचिकारक , स्निग्ध , दिल को भारी ,  बलवीर्यवर्दक और घाव, क्षय , रक्तपित्त , कोठे की वायु , वमन , कफ ज्वर ,अतिसार भूख , प्यास, खांसी, सांस, दमा, वातपित्त तथा शराब के सेवन से उत्पन्न हुए रोगों को खतम करने वाला है। गीले फल को खजूर कहते हैं ।बड़े और बहुत गूदे वाले गीले फल से छुहारा बनता है ,यही बड़ा फल सूखने पर छुहारा या खारक कहा जाता है। सूखने पर यह गरम प्रकृति का हो जाता छुहारा के रूप में भी यह बहुत उपयोगी रहता खजूर और छुहारा सारे देश में सभी जगह आसानी से मिल जाता है ।इसकी उपज पंजाब , सिन्ध और पश्चिमी देशों ( अरब , मिस्त्र , सीरिया आदि ) में खासतौर की जाती है । छुहारे के रूप में यह कफ सर्दी और खांसी दूर कर फेफड़ों व छाती को शक्ति देता है। रासायनिक संगठन में इसमें प्रोटीन, फैट,कार्बोहाइड्रेट , मिनरल्स , केल्शियम फास्फोरस आदि के अलावा शर्करा सर्वाधिक मात्रा में पाई जाती है ।  इस्तेमाल - जिनका शरीर दुबला - पतला कमजोर और चेहरा पिचका हुआ हो ...

Sleep,Slumber

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When you don't sleep properly it happens to you  - The brain gets hurt because it does not get the time to restart  - The balance of hormones deteriorates  - Sexual intercourse is affected  - The heart becomes weak  - Obesity and diabetes On their duty ,They sound the alarm make you sleep well NOOR

लिंग वृद्धि कैसे करें, पावर बढ़ाने का तरीका

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औसत लिंग का आकार क्या है? लिंग का आकार बहुत छोटा कब होता है? सामान्य या औसत क्या है? कैसे मापें? क्या पार्टनर परवाह करते हैं? महिलाओं को किस साइज का लिंग चाहिए? लिंगवर्धक उपाय औसत लिंग का आकार क्या है लिंग का आकार बहुत छोटा कब होता है सामान्य या औसत क्या  कैसे मापें क्या पार्टनर परवाह करते हैं महिलाओं को किस साइज का लिंग चा लिंगवर्धक उपा कई वैज्ञानिक शोधकर्ताओं ने इस सवाल का जवाब देने की कोशिश की है कि दुनिया भर में पुरुष और महिलाएं इस बारे में स्पष्ट जानकारी चाहते हैं कि औसत लिंग का आकार क्या बहुत से लोग इस बात को लेकर चिंता का अनुभव करते हैं कि क्या उनका लिंग काफी बड़ा है और क्या यह यौन साथी को संतुष्ट करेगा। यह किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्म-छवि को प्रभावित कर सकता  हालांकि, अक्सर ये आशंकाएं निराधार होती हैं।2019 के एक शोध लेख में कहा गया है कि ज्यादातर पुरुषों का मानना है कि एक इरेक्ट लिंग की औसत लंबाई लगभग 15.2 सेंटीमीटर (सेमी) या 5.6 इंच होती है। जबकि आकार व्यापक रूप से भिन्न होते हैं, औसत लंबाई संभवतः 12.9–13.97 सेमी (5.1-5.5 इंच) है, और इस पैमान...

ओट्स यानि जई

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ओट्स खाने के फायदे 1. हृदय रोग ओट्स फाइबर का एक अच्छा स्रोत है। इसमें पाए जाने वाला बीटा ग्लूकॉन नामक यह फाइबर शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत लाभदायक होता है। बीटा ग्लूकॉन अच्छे कोलेस्ट्रोल को बिना छेड़े बुरे कोलेस्ट्रोल कम करता है जो दिल को स्वस्थ रखने के लिए बहुत अच्छा है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाया जाता है जो दिल की बीमारियों को दूर करने में सहायक है। इसलिए ओट्स को दिल के लिए मुख्य आहार भी कह सकते हैं।  2. मधुमेह फाइबर युक्त भोजन को पचने में समय लगता है जिससे ब्लड शुगर और टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा कम हो जता है। अब जैसा कि हम बार-बार यही समझ रहे हैं कि ओट्स की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि यह फाइबर से भरपूर होता है। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित लोगो को नियमित रूप से ओट्स का सेवन करना चाहिए। एक अध्ययन के अनुसार ओट्स का सेवन इन रोगियों में ग्लूकोज और लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित रखता है। इसमें पाये जाने वाले बीटा ग्लूकॉन भी ब्लड शुगर लेवल को कम रखने में सहायक है।  3. कैंसर ओट्स में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट का गुण पाया जाता है। इसके यही एंटीऑक्स...

मेथी दाना

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सर्दियों में उठायें मेथी दानों से भरपूर लाभ      ➡ मेथीदाना उष्ण वात व कफनाशक पित्तवर्धक पाचनशक्ति व बलवर्धक एवं ह्रदय के लिए हितकर है! यह पुष्टिकारक शक्ति स्फूर्तिदायक टॉनिक की तरह कार्य करता है!सुबह–शाम इसे पानी के साथ निगलने से पेट को निरोग बनाता है!कब्ज व गैस को दूर करता है!इसकी मूँग के साथ सब्जी बनाकर भी खा सकते हैं!यह मधुमेह के रोगियों के लिए खूब लाभदायी है! ➡ अपनी आयु के जितने वर्ष व्यतीत हो चुके हैं!उतनी संख्या में मेथीदाने रोज धीरे–धीरे चबाना या चूसने से वृद्धावस्था में पैदा होने वाली व्याधियों जैसे घुटनों व जोड़ों का दर्द भूख न लगना हाथों का सुन्न पड़ जाना सायटिका मांसपेशियों का खिंचाव बार -बार मूत्र आना, चक्कर आना आदि में लाभ होता है!गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भुने मेथी दानों का चूर्ण आटे के साथ मिला के लड्डू बना के खाना लाभकारी है!         मेथी दाने से शक्तिवर्धक पेय दो चम्मच मेथीदाने एक गिलास पानी में ४ – ५ घंटे भिगोकर रखें फिर इतना उबालें कि पानी चौथाई रह जाय इसे छानकर २ चम्मच शहद मिला के पियें!      ...

दिल

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   हृदय की बीमारी के आयुर्वेदिक इलाज! हमारे देश भारत मे 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे!उनका नाम था महाऋषि वागवट जी!! उन्होने एक पुस्तक लिखी थी!जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!-(Astang Hridayam) इस पुस्तक मे उन्होने बीमारियो को ठीक करने के लिए 7000 सूत्र लिखे थे!               यह उनमे से ही एक सूत्र है !!  वागवट जी लिखते है!कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है!मतलब दिल की नलियों मे Blockage होना शुरू हो रहा है तो इसका मतलब है कि रक्त (Blood) मे Acidity (अम्लता) बढ़ी हुई है!  अम्लता आप समझते है!जिसको अँग्रेजी में Acidity भी कहते हैं और यह अम्लता दो तरह की होती है ! एक होती है पेट कि अम्लता !  और  एक होती है रक्त (Blood) की अम्लता ! आपके पेट मे अम्लता जब बढ़ती है तो आप कहेंगे पेट मे जलन सी हो रही है!खट्टी खट्टी डकार आ रही है!मुंह से पानी निकल रहा है!और अगर ये अम्लता (Acidity) और बढ़ जाये तो इसे Hyperacidity कहते हैं! फिर यही पेट की अम्लता बढ़ते - बढ़ते जब रक्त मे आती है!तो रक्त अम्लता-(Blood Acidity) होती है!और जब B...