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कैल्शियम

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शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझिए कैल्शियम की कमी है, समय रहते जान जाइये वरना बुढापा एक खाट पर सिमट कर रह जाएगा, कैल्शियम की कमी सिर्फ 2.30₹ में दूर करे.! शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में एक कैल्शियम भी है जो शरीर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों को और दांतो की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है। हर किसी को एक दिनभर में कैल्शियम की एक निश्चित मात्रा की जरूरत होती है। एक स्वस्थ्य मनुष्य को दिन भर में 1000 से 1200 मिली ग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं गर्भवती महिलाओं को पूरे दिन में 1200 से 1300 मिली ग्राम कैल्शियम की आवश्कता होती है। आजकल न सिर्फ बूढ़ों में बल्कि जवान और बच्चों में भी कैल्शियम की काफी कमी देखी जा रही है। हम बता रहे हैं कुछ लक्षण जिनसे आप जान पायेंगे कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है। 1. हड्डियों में कमजोरी कैल्शियम हड्डियों के बनने में मदद करता है और इसकी कमी होने पर इसका पहला लक्षण हड्डियों पर दिखाई देता है। कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। कैल्शियम की कमी से उम्...

अलसी को जानें

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■अलसी को पहचानो■ ● भारत देश के कुछ प्रांतों में अलसी का तेल खाद्य तेलों के रूप में आज भी प्रचलन में है। ● धीरे-धीरे अलसी को हम भूलते जा रहे हैं, परंतु अलसी पर हुए नए शोध-अध्ययनों ने बड़े चमत्कारी प्रभाव एवं चैंकाने वाले तथ्य दुनिया के सामने लाए हैं। ● आज सारे संसार में इसके गुणगान हो रहे हैं। ● विशिष्ट चिकित्सकों की सलाह में भी अलसी के चमत्कारों की महिमा गाई जा रही है। ■■ गुणधर्म ■■ ● अलसी एक प्रकार का तिलहन है। ● इसका बीज सुनहरे रंग का तथा अत्यंत चिकना होता है। ● फर्नीचर के वार्निश में इसके तेल का आज भी प्रयोग होता है। ● आयुर्वेदिक मत के अनुसार अलसी वातनाशक, पित्तनाशक तथा कफ निस्सारक भी होती है। ● मूत्रल प्रभाव एवं व्रणरोपण, रक्तशोधक, दुग्धवर्द्धक, ऋतुस्राव नियामक, चर्मविकारनाशक, सूजन एवं दरद निवारक, जलन मिटाने वाला होता है। ● यकृत, आमाशय एवं आँतों की सूजन दूर करता है। ● बवासीर एवं पेट विकार दूर करता है। ● सुजाकनाशक तथा गुरदे की पथरी दूर करता है। ● अलसी में विटामिन बी एवं कैल्शियम, मैग्नीशियम, काॅपर, लोहा, जिंक, पोटेशियम आदि खनिज लवण होते हैं। ...

माहवारी की समस्याओं के लिए

मासिक धर्म संबंधी परेशानियां.. एक बड़ी उलझन.? मासिक धर्म से संबधित बहुत सी परेशानियां हैं। जिनसे जिससे कम उम्र की महिला से लेकर अधिक उम्र की महिलाओं को जूझना पड़ता है। *मासिक ...

रसोई में ज़हर

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हमारे घर में मौजूद 9 जहर हमारे घर में कुछ जहर हैं जिनका सेवन करके हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहें हैं। जबतक हम इन जहरों को घर से बाहर नहीं करेंगें तबतक सिर्फ दवा खाकर स्वस्थ रहने की इच्छा करना व्यर्थ है क्योंकि सिर्फ दवा खाने से यदि रोग दूर होते तो आज दुनिया में एक भी व्यक्ति रोगी नहीं होता। 1- आयोडीन युक्त नमक आयोडीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी तत्व है किन्तु यदि इसकी मात्रा शरीर में अधिक हो जाये तो कई प्रकार के रोग आ जाते हैं जैसे उच्च रक्तचाप, थॉयरॉइड, नपुंसकता या बांझपन आदि। इसके अलावा बाजार में मिल रहे आयोडीन युक्त पैकेट वाले नमक में अलग से और भी कुछ केमिकल डाले जाते हैं जिससे नमक में अलग से डाला गया आयोडीन सुरक्षित रहे और नमक में नमी ना लगे। ये केमिकल जब नमक के माध्यम से शरीर में जाते हैं तो दमा, टीवी, मधुमेह जैसे घातक रोगों का कारण बनते हैं। भारत मे वर्ष के 365 दिन सूर्य प्रकाश(धूप) रहता है जिससे भारत में उतपन्न होने वाले हर अनाज, फल, सब्जी आदि में भरपूर आयोडीन होता है। इसलिए भारत के लोगों को अलग से आयोडीन युक्त नमक खाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दुनिया में ...

स्टंट का इलाज

हार्ट अटैक और एंजियोप्लास्टी (स्टंट) का सफल एवं सर्वोत्तम घरेलू उपचार। भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं। आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे। अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों को अरबों की दवाई बेच रही हैं। लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा angioplasty (एन्जीओप्लास्टी) करवाओ। इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक स्प्रिंग डालते हैं जिसे स्टंट कहते हैं। यह स्टंट अमेरिका में बनता है और इसकी बनने की लागत सिर्फ 3 डॉलर (लगभग 150-180₹) है। इसी स्टंट को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है। डॉक्टरों को लाखों रूपए का कमीशन मिलता है इसलिए वो आपसे बार बार कहता है कि एंजियोप्लास्टी करवाओ। कोलेस्ट्रॉल, बीपी या हार्ट अटैक आने की मुख्य वजह है, एंजियोप्लास्टी ऑपरेशन। यह कभी किसी का 100% सफल नहीं होता। क्यूंकि डॉक्टर, जो स्प्रिंग दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल पेन की स्प्रिंग की तरह होती है। कुछ ही महीनो में उस स्प्रिंग के दोनों साइडों पर आगे व पीछे ब्...

तिल

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तिल ■सर्दियों को हराने के लिये अगर इन 6 तरीकों से तिल को ठंड में खाएं तो इन बीमारियों की छुट्टी हो जायेगी■* ● तिल का सेवन हमारे शरीर के लिए लाभदायक होता है। ● सर्दियों में तिल व तेल दोनों ही सेवन करना चाहिए। ● काले तिल व सफेद तिल दोनों का ही उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है। ● तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। वाइरस, एजिंग और बैक्टीरिया से शरीर की रक्षा करता है। ■ ठंड में तिल के उपयोग व इसे खाने से होने वाले फायदे.. ● ठंड में तिल गुड़ दोनो समान मात्रा में लेकर मिला लें। ● उसके लड्डू बना ले। ● प्रतिदिन 2 बार 1-1 लड्डू दूध के साथ खाने से मानसिक दुर्बलता एंव तनाव दूर होते है। ● शक्ति मिलती है। ● कठिन शारीरिक श्रम करने पर सांस फूलना जल्दी बुढ़ापा आना रुक जाता है। ■ तिल व तिल के तेल के सेवन से व सिर में इसकी मालिश करने से न केवल बाल घने और चमकदार होते हैं बल्कि बालों का गिरना भी कम हो जाता है। ■ प्रतिदिन दो चम्मच काले तिल को चबाकर खाइए और उसके बाद ठंडा पानी पीजिए। इसका नियमित सेवन करने से पुराना बवासीर भी ठीक हो जाता है। ■ बच्चा सोते समय पेशाब करता हो ...

शकरकंद

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शकरकंद ●शकरकंद खाने के लाभ● ● शकरकंद खाना हर किसी को पसंद होता है। ● ये स्वादिष्ट लगने के साथ साथ अनेक पोषक तत्वो से भरपूर होता है। ● ये सर्दियो में मिलने वाला एक मीठा फल है। ● ये हमारे शरीर को ठण्ड लगने से भी बचाता है। ● इसके सेवन से आँखों के रौशनी बढ़ती है। ● चेहरे पर पड़ी झुर्रिया खत्म हो जाती है। इसमें निहित गुण हमारे शरीर को अनेक बीमारियो से बचाते है। जानिए शकरकंद खाने के एक दर्जन फायदे (1). कोलाइन तत्व शरीर के लिये काफी जरुरी होता है, यह तत्व शकरकंद में पाया जाता है। इसके सेवन से मासपेशियो की गतिशीलता बढ़ती है, याददाश्त तेज होती है। शकरकंद में दर्द निरोधक तत्व पाया जाता है, जो गठिया, एसिडिटी, हार्टबर्न जैसी बीमारियों से बचाता है। (2). त्वचा रोगों में, अस्थमा में, मधुमेह और थायराइड के रोगी को खाना चाहिए। इसके खाने से इन सभी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को लाभ होता है। (3). शकरकंद में आयरन अधिक मात्रा में होता है, जिसके कारण ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसके सेवन से शरीर में लाल और सफ़ेद रक्त कोशिकाये (RBC, WBC) सही तरीके से बनती है। (4). शकरकंद खाने ...

ब्लड प्रेशर का रामबाण

●मानो या न मानो● हाई ब्लड प्रेशर/हाई बीपी एक बड़ी समस्या.! *अनुरोध* कृपया अंग्रेजी दवाइयों के पीछे ना भागें... इसका बहुत ही सरल कुदरती उपाय है.... जो कि हमारे किचन में ही मौजूद है.... इस...

लिकोरिया(सफेद पानी), इससे कैसे बचें

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●सफेद पानी (लिकोरिया) का प्राकृतिक उपचार● आंवला पिसा एक चम्मच को 2-3 चम्मच शहद में मिलाकर, रोज दिन में एक बार खायें। 30 दिनों तक तथा खटाई से परहेज करें । आंवले का रस व शहद लगातार एक माह तक लें श्वेत प्रदर ठीक होगा,आंवला में विटामिन-सी होनेसे आपकी त्वचा ग्लो भी करेगी। केला खाकर ऊपर से दूध में शहद डालकर पियें। केला दूध अच्छी डाईट है इससे आपकी सेहत भी ठक होगी तथा प्रदर से होने वाली कमजोरी दूर होगा। ये कम से कम तीन माह लगातार लें, गर्म दूध में शहद न डालें।

तुलसी

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               ✴️✴️✴️तुलसी✴️✴️✴️ Scientific name- Ocimum sanctum (1). राम तुलसी (हरे पत्तों वाली) (2). कृष्ण तुलसी (श्याम पत्तों वाली) वैज्ञानिक महत्व 1. भारत के महान वैज्ञानिक श्री जगदीशचंद्र बसु ने 'क्रेस्कोग्राफ' संयंत्र की खोज कर यह सिद्ध कर दिखाया कि वृक्षों में भी हमारी तरह चैतन्य सत्ता का वास होता है। इस खोज से भारतीय संस्कृति की 'वृक्षोपासना' के आगे सारा विश्व नतमस्तक हो गया। 2. तुलसी में विद्युतशक्ति अधिक होती है। इससे तुलसी के पौधे के चारों ओर की 200-200 मीटर तक की हवा स्वच्छ और शुद्ध रहती है। 3. तुलसी पत्र में पीलापन लिए हुए हरे रंग का तेल होता है। जो उड़नशील होने से पत्तियों से बाहर निकलकर हवा में फैलता रहता है। यह तेल हवामान को कान्ति, ओज-तेज से भर देता है। 4. तुलसी पत्ते, ईथर  (eugenol methyl ether) नमक रसायन से युक्त होने से जीवाणुओं का नाश करते हैं और मच्छरों को भगाते हैं। 5. आभा मंडल नापने के यन्त्र 'यूनिवर्सल स्कैनर' द्वारा एक व्यक्ति पर परिक्षण करने पर यह बात सामने आयी कि तुलसी के पौधे की 9 बा...