तुलसी
✴️✴️✴️तुलसी✴️✴️✴️
Scientific name- Ocimum sanctum
(1). राम तुलसी (हरे पत्तों वाली)
(2). कृष्ण तुलसी (श्याम पत्तों वाली)
वैज्ञानिक महत्व
1. भारत के महान वैज्ञानिक श्री जगदीशचंद्र बसु ने 'क्रेस्कोग्राफ' संयंत्र की खोज कर यह सिद्ध कर दिखाया कि वृक्षों में भी हमारी तरह चैतन्य सत्ता का वास होता है।
इस खोज से भारतीय संस्कृति की 'वृक्षोपासना' के आगे सारा विश्व नतमस्तक हो गया।
2. तुलसी में विद्युतशक्ति अधिक होती है। इससे तुलसी के पौधे के चारों ओर की 200-200 मीटर तक की हवा स्वच्छ और शुद्ध रहती है।
3. तुलसी पत्र में पीलापन लिए हुए हरे रंग का तेल होता है। जो उड़नशील होने से पत्तियों से बाहर निकलकर हवा में फैलता रहता है। यह तेल हवामान को कान्ति, ओज-तेज से भर देता है।
4. तुलसी पत्ते, ईथर (eugenol methyl ether) नमक रसायन से युक्त होने से जीवाणुओं का नाश करते हैं और मच्छरों को भगाते हैं।
5. आभा मंडल नापने के यन्त्र 'यूनिवर्सल स्कैनर' द्वारा एक व्यक्ति पर परिक्षण करने पर यह बात सामने आयी कि तुलसी के पौधे की 9 बार परिक्रमा करने पर उसके आभामंडल के प्रभाव-क्षेत्र में 3 मीटर की आश्चर्यकारक बढ़ोतरी हो गयी ।
आभा मंडल का दायर जितना अधिक होगा व्यक्ति उतना अधिक कार्यक्षम, माणिक रूप से क्षमतावान व स्वस्थ होगा।
6. लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में तुलसी पर अनुसन्धान किया गया। वहां के अनुसार 'पेप्टिक अल्सर, हृदयरोग, उच्च रक्तचाप, कोलाइटिस और दमे (अस्थमा) में तुलसी का उपयोग गुणकारी है।
7. तुलसी में एन्टीस्ट्रेस (तनावरोधी) गुण है।
8. तुलसी के सेवन से कई रोग मिट जाते हैं - मलेरिया, आधासीसी, कान के रोग, खांसी, वातव्याधि, वीर्यरक्षण की समस्या, ज्वर (बुखार), दाद, वजन की समस्या, सौंदर्य-बालों की समस्या आदि।
9. कैंसर में भी लाभकारी है तुलसी का रस।
10. फ्रेंच डॉक्टर विक्टर रेसीन ने कहा है :
'तुलसी एक अद्भुत औषधि है।"
(Tulsi is a Wonder Drug)
सामान्यतः हम 1 दिन में लगभग 1.5 किलो भोजन करते हैं, 2 से 3 लीटर पानी पीते हैं और 21600 श्वास लेते हैं।
उसमे 11000 लीटर हवा लेते-छोड़ते हैं, जिससे हमें लगभग 10 किलो भोजन का बल मिलता है।
अब वह वायु जितनी गन्दी (प्रदूषित) होती है, उतना ही लोगों का स्वास्थ्य और वायुरूपी भोजन ख़राब हो जाता है।
तुलसी, पीपल, नीम तथा आँवले के वृक्ष दिल खोलकर लगाना चाहिए क्योंकि ये जीवनशक्ति के विपुल प्रमाण में देते हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें