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चीनी , ज़हर है इससे बचें

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चीनी के जबरदस्त फ़ायदे, मौत के पैगाम के साथ चीनी एक ऐसा जहर है जो अनेक रोगों का कारण है। खाना, न खाना आपके ऊपर है क्योंकि नुकसान और फायदा दोनों ही आपके..! (1)- चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ गंधक का सबसे अधिक प्रयोग होता है। गंधक माने पटाखोँ का मसाला। (2)- गंधक अत्यंत कठोर धातु है जो शरीर मेँ चला तो जाता है परंतु बाहर नहीँ निकलता। (3)- चीनी कॉलेस्ट्रॉल बढ़ाती है जिसके कारण हृदयघात या हार्ट अटैक आता है। (4)- चीनी शरीर के वजन को अनियन्त्रित कर देती है जिसके कारण मोटापा होता है। (5)- चीनी रक्तचाप या ब्लड प्रैशर को बढ़ाती है। (6)- चीनी ब्रेन अटैक का एक प्रमुख कारण है। (7)- चीनी की मिठास को आधुनिक चिकित्सा मेँ सूक्रोज़ कहते हैँ जो इंसान और जानवर दोनो पचा नहीँ पाते। (8)- चीनी बनाने की प्रक्रिया मेँ तेइस हानिकारक रसायनोँ का प्रयोग किया जाता है। (9)- चीनी डाइबिटीज़ का एक प्रमुख कारण है। (10)- चीनी पेट की जलन का एक प्रमुख कारण है। (11)- चीनी शरीर मे ट्राइग्लिसराइड को बढ़ाती है। (12)- चीनी पेरेलिसिस अटैक या लकवा होने का एक प्रमुख कारण है। (13)- चीनी बनाने की सबसे पहली मिल ...

सौंफ, आयुर्वेद में इसका प्रयोग बहुत अलग है।

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भोजन के बाद सौंफ खाने के बेहतरीन फायदे और जबरदस्त नुस्खे 1 भोजन के बाद रोजाना 30 मिनट बाद सौंफ लेने से कॉलेस्ट्रोल काबू में रहता है।  2 पांच-छे ग्राम सौंफ लेने से लीवर और आंखों की रोशनी ठीक रहती है। अपच संबंधी विकारों में सौंफ बेहद उपयोगी है। बिना तेल के तवे पर सिकी हुई सौंफ और बिना तली सौंफ के मिक्चर से अपच होने पर बहुत लाभ होता है।  3 दो कप पानी में उबली हुई एक चम्मच सौंफ को दो या तीन बार लेने से अपच और कफ की समस्या समाप्त होने में मदद मिलती है।  4 अस्थमा और खांसी के उपचार में भी सौंफ का सेवन सहायक है।  5 कफ और खांसी होने पर भी सौंफ खाना फायदेमंद होता है।  6 गुड़ के साथ सौंफ खाने से मासिक धर्म नियमित होने लगते है।  7 यह शिशुओं के पेट और उनके पेट के अफारे को दूर करने में बहुत उपयोगी है।  8 एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में उबलने दें और 20 मिनट तक इसे ठंडा होने दें। इससे शिशु के कॉलिक का उपचार होने में मदद मिलती है। शिशु को एक या दो चम्मच से ज्यादा यह घोल नहीं देना चाहिए।  9 सौंफ के पावडर को गुड़ की शकर के साथ बराबर मिलाकर लेने ...

खीरा व ककड़ी से कमाल के फ़ायदे

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खीरा व ककड़ी के फायदे, जिन्हें जानने के बाद आप इसके बिना रह नहीं पाएंगे  🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒🥒 1. खीरा का सबसे पहला गुण है आंखों को शीतलता प्रदान करना। यही वजह है कि ब्यूटी पार्लर में यह अनिवार्य रूप से रखा जाने लगा है। फ्रीज में रखी इसके रस की क्यूब्स को आंखों पर रखने से आंखों की थकान मिटती है। काले धब्बों से भी छुटकारा मिलता है। खीरे को स्लाइस की तरह काटकर आंखों की पलक के ऊपर पर रखने से आंखों को ठंडक मिलती है। खीरा की तासीर जलन कम करने की होती है। 2. खीरा प्यास बुझाता है। पानी की कमी को पूरा करता है। खीरे में 80 प्रतिशत पानी होता है। खीरा खाने के बाद शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है। 3. खीरा खाने से दिल की जलन कम होती है। धूप से झुलसी त्वचा (सनबर्न) पर खीरा लगाने से शीतलता मिलती है। 4. खीरा खाने से शरीर के जहरीले तत्व बाहर निकलते हैं। यह आंतों की बड़ी खूबी से सफाई करता है। 5. हमें प्रतिदिन कुछ विटामिन्स लेना बेहद जरूरी होता है। जैसे विटामिन ए, बी और सी हमें नियमित लेना चाहिए। खीरा अकेला हमें प्रतिदिन के विटामिन्स देता है। खीरे के छिलके मे...

Sex power for both men and women

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सेक्स पॉवर यानि चना पावर #हॉर्सपावर_चना_के_अदभुत_अनगिनत_फायदे परिचय- ● चना शरीर में ताकत लाने वाला और भोजन में रुचि पैदा करने वाला होता है। ● सूखे भुने हुए चने बहुत रूक्ष और वात तथा कुष्ठ को नष्ट करने वाले होते हैं। ● उबले हुए चने कोमल, रुचिकारक, पित्त, शुक्रनाशक, शीतल, कषैले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त नाशक होते हैं। गुण : ● चना शरीर को चुस्त-दुरुस्त करता है। ● खून में जोश पैदा करता है। ● यकृत (जिगर) और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है। ● तबियत को नर्म करता है। ● खून को साफ करता है। ● धातु को बढ़ाता है। ● आवाज को साफ करता है। ● रक्त सम्बन्धी बीमारियों और वादी में लाभदायक होता है। ● इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है। ● इसको पानी में भिगोकर चबाने से शरीर में ताकत आती है। ■◆● चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है। ● इसके लिए 25 ग्राम देशी काले चने लेकर अच्छी तरह से साफ कर लें। ● मोटे पुष्ट चने को लेकर साफ-सुथरे, कीडे़ या डंक लगे व टूटे चने निकालकर फेंक देते हैं। ● शाम के समय इन चनों को लगभग 125 ग्राम पा...

पेट की समस्या, पेट साफ़ रहेगा तो सब सही रहेगा

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खाने के तुरंत बाद पखाना :- भुनी हुई सौंफ और जीरा बराबर ले चुर्ण बना - खाने के बाद एक चम्मच की मात्रा से इस चुर्ण की फंकी लेकर गर्म पानी पी लिया करें ! भोजन के बाद केवल भुनी हुई सौंफ चबाने से भी लाभ होगा - दो - तीन सप्ताह सेवन करें ! सूखा धनीया 100 ग्राम ले - उसमें 25 ग्राम काला नमक पीस कर मिला लें ! भोजन के बाद आधा चम्‍मच फांक कर पानी पी लें - जरूरम मुताबिक एक दो सप्‍ताह लें ! 300 - 300 ग्राम सौंफ व मिश्री लें ! सौंफ को 150 - 150 ग्राम दो बराबर हिस्सो में बांट लें ! एक हिस्सा यानि 150 ग्राम तवे पर भून लें - भुनी हुई और बची हुई सौंफ लेकर बारीक पीस लें और उतनी ही मिश्री ( पिसी हुई ) मिला लें ! इस चूर्ण को छः ग्राम ( दो चम्मच ) की मात्रा से दिन में चार बार खायें ! ऊपर से दो घूँट पानी पी सकते हैं ! खाने के बाद तुरन्त पाखाना जाने की आदात से छुटकारा :- 100 ग्राम सूखे धनिये में 25 ग्राम काला नमक पीसकर मिला लें ! भोजन के बाद दो ग्राम (आधा चम्मच) की मात्रा खाकर ऊपर से पानी पी लें आवश्यकतानुसार निरन्तर एक दो सप्ताह लेने से खाने के बाद तुरन्त पाखाना जाने की आदत छुट जाती है !

कैल्शियम

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शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझिए कैल्शियम की कमी है, समय रहते जान जाइये वरना बुढापा एक खाट पर सिमट कर रह जाएगा, कैल्शियम की कमी सिर्फ 2.30₹ में दूर करे.! शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में एक कैल्शियम भी है जो शरीर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हड्डियों को और दांतो की मजबूती के लिए कैल्शियम जरूरी पोषक तत्व है। हर किसी को एक दिनभर में कैल्शियम की एक निश्चित मात्रा की जरूरत होती है। एक स्वस्थ्य मनुष्य को दिन भर में 1000 से 1200 मिली ग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं गर्भवती महिलाओं को पूरे दिन में 1200 से 1300 मिली ग्राम कैल्शियम की आवश्कता होती है। आजकल न सिर्फ बूढ़ों में बल्कि जवान और बच्चों में भी कैल्शियम की काफी कमी देखी जा रही है। हम बता रहे हैं कुछ लक्षण जिनसे आप जान पायेंगे कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है। 1. हड्डियों में कमजोरी कैल्शियम हड्डियों के बनने में मदद करता है और इसकी कमी होने पर इसका पहला लक्षण हड्डियों पर दिखाई देता है। कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है। कैल्शियम की कमी से उम्...

अलसी को जानें

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■अलसी को पहचानो■ ● भारत देश के कुछ प्रांतों में अलसी का तेल खाद्य तेलों के रूप में आज भी प्रचलन में है। ● धीरे-धीरे अलसी को हम भूलते जा रहे हैं, परंतु अलसी पर हुए नए शोध-अध्ययनों ने बड़े चमत्कारी प्रभाव एवं चैंकाने वाले तथ्य दुनिया के सामने लाए हैं। ● आज सारे संसार में इसके गुणगान हो रहे हैं। ● विशिष्ट चिकित्सकों की सलाह में भी अलसी के चमत्कारों की महिमा गाई जा रही है। ■■ गुणधर्म ■■ ● अलसी एक प्रकार का तिलहन है। ● इसका बीज सुनहरे रंग का तथा अत्यंत चिकना होता है। ● फर्नीचर के वार्निश में इसके तेल का आज भी प्रयोग होता है। ● आयुर्वेदिक मत के अनुसार अलसी वातनाशक, पित्तनाशक तथा कफ निस्सारक भी होती है। ● मूत्रल प्रभाव एवं व्रणरोपण, रक्तशोधक, दुग्धवर्द्धक, ऋतुस्राव नियामक, चर्मविकारनाशक, सूजन एवं दरद निवारक, जलन मिटाने वाला होता है। ● यकृत, आमाशय एवं आँतों की सूजन दूर करता है। ● बवासीर एवं पेट विकार दूर करता है। ● सुजाकनाशक तथा गुरदे की पथरी दूर करता है। ● अलसी में विटामिन बी एवं कैल्शियम, मैग्नीशियम, काॅपर, लोहा, जिंक, पोटेशियम आदि खनिज लवण होते हैं। ...

माहवारी की समस्याओं के लिए

मासिक धर्म संबंधी परेशानियां.. एक बड़ी उलझन.? मासिक धर्म से संबधित बहुत सी परेशानियां हैं। जिनसे जिससे कम उम्र की महिला से लेकर अधिक उम्र की महिलाओं को जूझना पड़ता है। *मासिक ...

रसोई में ज़हर

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हमारे घर में मौजूद 9 जहर हमारे घर में कुछ जहर हैं जिनका सेवन करके हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो रहें हैं। जबतक हम इन जहरों को घर से बाहर नहीं करेंगें तबतक सिर्फ दवा खाकर स्वस्थ रहने की इच्छा करना व्यर्थ है क्योंकि सिर्फ दवा खाने से यदि रोग दूर होते तो आज दुनिया में एक भी व्यक्ति रोगी नहीं होता। 1- आयोडीन युक्त नमक आयोडीन हमारे शरीर के लिए एक जरूरी तत्व है किन्तु यदि इसकी मात्रा शरीर में अधिक हो जाये तो कई प्रकार के रोग आ जाते हैं जैसे उच्च रक्तचाप, थॉयरॉइड, नपुंसकता या बांझपन आदि। इसके अलावा बाजार में मिल रहे आयोडीन युक्त पैकेट वाले नमक में अलग से और भी कुछ केमिकल डाले जाते हैं जिससे नमक में अलग से डाला गया आयोडीन सुरक्षित रहे और नमक में नमी ना लगे। ये केमिकल जब नमक के माध्यम से शरीर में जाते हैं तो दमा, टीवी, मधुमेह जैसे घातक रोगों का कारण बनते हैं। भारत मे वर्ष के 365 दिन सूर्य प्रकाश(धूप) रहता है जिससे भारत में उतपन्न होने वाले हर अनाज, फल, सब्जी आदि में भरपूर आयोडीन होता है। इसलिए भारत के लोगों को अलग से आयोडीन युक्त नमक खाने की कोई आवश्यकता नहीं है। दुनिया में ...

स्टंट का इलाज

हार्ट अटैक और एंजियोप्लास्टी (स्टंट) का सफल एवं सर्वोत्तम घरेलू उपचार। भारत मैं सबसे ज्यादा मौते कोलस्ट्रोल बढ़ने के कारण हार्ट अटैक से होती हैं। आप खुद अपने ही घर मैं ऐसे बहुत से लोगो को जानते होंगे जिनका वजन व कोलस्ट्रोल बढ़ा हुआ हे। अमेरिका की कईं बड़ी बड़ी कंपनिया भारत मैं दिल के रोगियों को अरबों की दवाई बेच रही हैं। लेकिन अगर आपको कोई तकलीफ हुई तो डॉक्टर कहेगा angioplasty (एन्जीओप्लास्टी) करवाओ। इस ऑपरेशन मे डॉक्टर दिल की नली में एक स्प्रिंग डालते हैं जिसे स्टंट कहते हैं। यह स्टंट अमेरिका में बनता है और इसकी बनने की लागत सिर्फ 3 डॉलर (लगभग 150-180₹) है। इसी स्टंट को भारत मे लाकर 3-5 लाख रूपए मे बेचा जाता है व आपको लूटा जाता है। डॉक्टरों को लाखों रूपए का कमीशन मिलता है इसलिए वो आपसे बार बार कहता है कि एंजियोप्लास्टी करवाओ। कोलेस्ट्रॉल, बीपी या हार्ट अटैक आने की मुख्य वजह है, एंजियोप्लास्टी ऑपरेशन। यह कभी किसी का 100% सफल नहीं होता। क्यूंकि डॉक्टर, जो स्प्रिंग दिल की नली मे डालता है वह बिलकुल पेन की स्प्रिंग की तरह होती है। कुछ ही महीनो में उस स्प्रिंग के दोनों साइडों पर आगे व पीछे ब्...